FDI and FPI (विदेशी प्रत्यक्ष निवेश और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश)

FDI (Foreign Direct Investment) और FPI (Foreign Portfolio Investment) शब्दों का प्रयोग तब किया जाता है जब कोई विदेशी निवेशक मेजबान राष्ट्र की किसी एक कंपनी में निवेश करता है। परन्तु, FDI एवं FPI दोनों की प्रकृति अलग अलग होती है।

FDI (Foreign Direct Investment) – विदेशी प्रत्यक्ष निवेश

किसी एक विदेशी निवेशक द्वारा मेजबान राष्ट्र की किसी एक कंपनी की इक्विटी में 10% या उससे अधिक का निवेश करना एफडीआई कहलाता है। इसमें विदेशी निवेशको को निवेशित संस्था में नियंत्रणकारी शक्ति प्रदान की जाती है। इसकी प्रकृति– स्थिर, दीर्घकालिक एवं इसे आसानी से वापस नहीं लौटाया जा सकता।

FDI के प्रकार

FDI दो निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-

  1. Green Field FDI
  2. Brown Field FDI

Green Field FDI– जब कोई विदेशी कंपनी, मेंजबान राष्ट्र की नई कंपनियों के निर्माण में निवेश करती है, तो उसे ग्रीनफील्ड एफडीआई (Green Field FDI) कहते हैं।

Brown Field FDI– जब कोई विदेशी कंपनी मेंजबान राष्ट्र के पहले से चल रही कंपनी में निवेश करता है, तो इसे ब्राउनफील्ड एफडीआई (Brown Field FDI) कहते हैं।

FDI के लाभ (Benefits of FDI)

FDI से मेजबान राष्ट्र में निम्नलिखित लाभ देखे जा सकते हैं।

  1. ग्रीनफील्ड एफडीआई से पूंजी निर्माण होता है।
  2. जीडीपी और रोजगार में बढ़ोत्तरी होती है।
  3. तकनीकी (Technology) में वृद्धि होती है।
  4. प्रबंधकीय कौशल (Management Skills) में वृद्धि होती है।
  5. विपणन संबंधी कौशल (Marketing Skills) में वृद्धि होती है।
  6. विदेशी मुद्रा (Forex Reserve) भंडार में वृद्धि होती है।
  7. निर्यात (Exports) बढ़ता है।

FPI (Foreign Portfolio Investment)- विदेशी पोर्टफोलियो निवेश

विदेशी निवेशकों द्वारा किया जाने वाला वह निवेश जो इक्विटी, बांड्स, डिबेंचर, ट्रेजरी बिल और अन्य वित्तीय उपकरणों में किया जाता है। यह निवेश उन्हें निवेशित संस्थाओं में नियंत्रणकारी शक्ति प्रदान नहीं करता है. क्योंकि यह आकार में बहुत बड़ा नहीं होता है। यह निवेश मुख्यतः शेयर बाजार और द्वितीय बाजारों में किया जाता है। यह प्राथमिक बाजार से भी प्रवेश कर सकता है।

इसकी प्रकृति निम्नलिखित होती है-

  1. यह उतार-चढ़ाव (Volatile) वाला होता है।
  2. यह अल्पकालिक (Short-term) होती है।
  3. इसे वापस लौटाया जा सकता है। (Reversible)
  4. इसे अच्छे मौसम का दोस्त (Fair-Weather Friend) कहते हैं।

FPI को उपर्युक्त गुणों की वजह से हॉट मनी (Hot Money) भी कहते हैं।

FPI के लाभ (Benefits of FPI)

एफपीआइ से संभावित लाभ निम्नलिखित है-

  1. शेयर बाजार में तरलता (Liquidity) बढ़ जाती है।
  2. इससे CAD (Current Account Deficit) का वित्तीयन (Financing) होता है।
  3. इसके वजह से वित्तीय बाजारों में सुधारों का दबाव बना रहता है।
  4. इसके चलते कॉर्पोरेट गवर्नेंस (Corporate Governance) में सुधारों का दबाव बना रहता है।

P-Notes or ODI (Overseas Derivatives Instruments)

भारतीय शेयर बाजार में निवेश के लिए विदेशी पोर्टफोलियों निवेशकों द्वारा धन जुटाने के लिए विदेश में जारी किए जाने वाले उपकरण।

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